टनकपुर/चम्पावत। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए टनकपुर क्षेत्र के ग्राम बोरागोठ और घसियारामंडी के ग्रामीणों ने संभावित बाढ़ आपदा से बचाव के लिए प्रशासन से तत्काल स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों एवं वार्डवासियों ने सभासद प्रतिनिधि योगेश पांडेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी चम्पावत को संबोधित ज्ञापन मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी जीवन सिंह नेगी को सौंपा।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने किरोड़ा पुल के नीचे लगभग 700 मीटर क्षेत्र में वायर क्रेट लगाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान किरोड़ा नाला उफान पर आ जाता है और उसका बहाव गांव तथा वार्ड क्षेत्र तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों के घरों, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2020 से लगातार किरोड़ा पुल के नीचे स्थायी सुरक्षा कार्य के रूप में सीसी ब्लॉक और सुरक्षा दीवार (सीसी बॉल/आरसीसी संरचना) निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि पहाड़ों से आने वाले मलबे और बड़े-बड़े बोल्डरों के कारण नाले का प्राकृतिक प्रवाह बदलकर आबादी वाले क्षेत्र की ओर मुड़ गया है।
इसके अलावा किरोड़ा पुल के नीचे नाले के पुराने मार्ग में बड़ी मात्रा में पत्थर, बोल्डर और आरबीएम जमा हो जाने से जल निकासी प्रभावित हो रही है, जिससे बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि मानसून से पहले प्रभावी सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो क्षेत्र में बड़ी आपदा की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सिंचाई विभाग द्वारा हर वर्ष अस्थायी चैनलाइजेशन का कार्य कराया जाता है, लेकिन बाढ़ के तेज बहाव में यह व्यवस्था बह जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान केवल मजबूत सुरक्षा दीवार या वायर क्रेट निर्माण से ही संभव है।
ग्रामीणों और वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि किरोड़ा पुल से लगभग 700 मीटर तक तत्काल वायर क्रेट लगाए जाएं, ताकि बोरागोठ और घसियारामंडी क्षेत्र को संभावित बाढ़ आपदा से सुरक्षित रखा जा सके।
ज्ञापन पर सभासद बबीता वर्मा, ग्राम प्रधान कंचन, पूर्व सभासद योगेश पांडेय, संजय पाठक, किशन लाल, अनिल कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, वार्डवासियों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। सभी ने प्रशासन से मानसून शुरू होने से पहले आवश्यक सुरक्षा कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है।


