टनकपुर/चंपावत, 16 जुलाई।
उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला महोत्सव के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के दिशा-निर्देशों के तहत 1 जुलाई से 31 जुलाई तक संचालित विशेष वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत पूर्णागिरि तहसील क्षेत्र में साक्षरता एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आमजन को विधिक अधिकारों एवं वन संरक्षण कानूनों की जानकारी प्रदान करना रहा।

वन विभाग के डिपो संख्या-03 में आयोजित कार्यक्रम में एसडीओ श्रीमती शालिनी जोशी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह रावत ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान आम, जामुन, शीशम, तेजपात, त्रिफला, हरड़, आंवला, बेल, माल्टा, लीची सहित अनेक फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को वृक्षारोपण के महत्व, वनों की उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण तथा वन कानूनों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं और उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

इस अवसर पर रेंजर मेधा सिंह, ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण युवा एवं महिलाएं, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, भारतीय सेना एवं पूर्व सैनिकों के साथ बड़ी संख्या में पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLV) एवं प्रो बोनो पीएलवी मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में पीएलवी अधिकार मित्र विजेंद्र अग्रवाल, शमशाद बानो, सोनी सिंह, अजय गुर्रानी, किरन गहतोड़ी, प्रियंका पंचोली, राधिका अधिकारी, कुंवर सिंह भंडारी, दिग्विजय सिंह, अनिल कुमार, श्याम दत्त तिवारी, अंजू बोहरा, सुनील कुमार, सुनीता टम्टा तथा प्रो बोनो पीएलवी इजहार अली, सोनी जहां और ममता भंडारी सहित अन्य स्वयंसेवियों का विशेष योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त बाह्य न्यायालय परिसर में भी वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रुचिका नरूला एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट काजल रानी के नेतृत्व में न्यायालय परिसर में पौधरोपण किया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक उत्तरदायित्व बताते हुए सभी को पौधारोपण एवं उनकी देखभाल का संकल्प दिलाया।
हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण और विधिक जागरूकता का प्रभावी संदेश देते हुए समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।


