टनकपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंपावत के तत्वावधान में शनिवार, 5 सितंबर 2026 को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, टनकपुर में साक्षरता एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की 150 छात्राओं के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं शिक्षकों को सम्मानित कर उनके शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान को सराहा गया।
कार्यक्रम में बाह्य न्यायालय टनकपुर की सिविल जज जूनियर डिवीजन माननीय रुचिका नरूला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की वार्डन प्रेमा ठाकुर ने की, जबकि संचालन पीएलवी बिजेंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में सिविल जज जूनियर डिवीजन माननीय रुचिका नरूला ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो बिना किसी शोर-शराबे के प्रतिदिन देश और समाज की मजबूत नींव तैयार करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक एक कुशल शिल्पी की भांति विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को तराशते हैं और उन्हें एक बेहतर भविष्य के लिए तैयार करते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देकर आने वाले कल के निर्माताओं का निर्माण करते हैं। एक मजबूत, जागरूक और विकसित राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विधिक जागरूकता शिविर के दौरान पीएलवी अधिकार मित्र बिजेंद्र अग्रवाल, अमित कुमार, किरन जोशी एवं सुनील कुमार ने छात्राओं को विभिन्न महत्वपूर्ण सामाजिक एवं कानूनी विषयों की जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका, साइबर अपराध से बचाव, बाल विवाह मुक्त उत्तराखंड अभियान, नई रोशनी योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ, किशोर न्याय अधिनियम, बाल संरक्षण एवं बाल शिक्षा, बाल श्रम निषेध तथा नशे के दुष्प्रभाव और उसके विरोध के संबंध में विस्तार से जागरूक किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में विद्यालय के शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि माननीय रुचिका नरूला ने विद्यालय की वार्डन प्रेमा ठाकुर, अध्यापिका मनु तिवारी, संजू चंद, संगीता सिंह, रेणु वल्दिया, अर्चना उप्रेती शर्मा एवं सुमन चंद को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय की करीब 150 छात्राओं ने सहभागिता की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा के महत्व के साथ-साथ अपने अधिकारों, कानूनों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी वक्ताओं ने छात्राओं से शिक्षा को अपने जीवन का सबसे मजबूत आधार बनाने, कानूनों की जानकारी रखने और साइबर अपराध, नशा, बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक होकर समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पीएलवी अधिकार मित्र बिजेंद्र अग्रवाल, अमित कुमार, किरन जोशी एवं सुनील कुमार सहित विद्यालय परिवार और छात्राएं उपस्थित रहीं।
रिपोर्टर – शुभम गौड़



