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जिला अस्पताल में पत्रकारों से कथित अभद्रता पर बढ़ा विवाद, चम्पावत जिला पत्रकार संगठन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उठाई मांग

जिला अस्पताल विवाद ने पकड़ा तूल, पत्रकार संगठन ने प्रशासन को चेताया—पत्रकारों का सम्मान और प्रेस की स्वतंत्रता किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे प्रभावित

चम्पावत।

जिला अस्पताल चम्पावत में पत्रकारों के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर चम्पावत जिला पत्रकार संगठन ने जिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पत्रकार संगठन का कहना है कि हाल ही में एक पत्रकार अस्पताल में भर्ती एक मरीज से जुड़े मामले की जानकारी लेने और जनहित से जुड़े विषय पर तथ्य जुटाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान अस्पताल के कुछ चिकित्सकों ने एकजुट होकर पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे न केवल पत्रकारों का सम्मान आहत हुआ बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हुए हैं।

ज्ञापन में संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले कई सप्ताह से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इनमें अल्ट्रासाउंड सेवाओं में बाधा, एमआरआई जांच से जुड़ी समस्याएं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, स्थानांतरण के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर पड़े प्रभाव, मरीजों और तीमारदारों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा मूलभूत संसाधनों के अभाव जैसे कई गंभीर मुद्दे शामिल हैं। संगठन का कहना है कि मीडिया लगातार इन जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाता रहा है।

पत्रकार संगठन ने आरोप लगाया कि जनहित के इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से पत्रकारों पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। संगठन का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए प्रतिकूल माहौल तैयार करती हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा पत्रकारों को निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

संगठन ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में पत्रकारिता चौथे स्तंभ की भूमिका निभाती है। पत्रकार जनता और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम होते हैं, इसलिए उनके सम्मान और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

पत्रकार संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जनहित के मुद्दे उठाने वाले पत्रकारों का उत्पीड़न किया गया तो इसका लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संगठन ने कहा कि पत्रकारों के सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष चंद्रबल्लभ ओली, महामंत्री गिरीश बिष्ट, जया पुनेठा, सूरी पंत, दिनेश भट्ट, राजीव मुरारी, नंदू पाण्डेय, नवीन भट्ट सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

Shubham Gaur

Written by Shubham Gaur

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