टनकपुर/मनिहारगोठ। टनकपुर के ग्राम मनिहारगोठ में नाना साइकिल स्टोर के समीप कॉलोनी की सड़क का मामला अब प्रशासन के समक्ष पहुंच गया है। क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य शुरू होने के बाद नाली आदि बनाए जाने का काम भी किया जा रहा था, लेकिन बीच में निर्माण कार्य रुक गया। इसके बाद से स्थानीय लोगों की परेशानी बनी हुई है। अब क्षेत्रवासी चाहते हैं कि प्रशासन पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करते हुए रुके हुए निर्माण कार्य को लेकर उचित निर्णय ले और लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराए।
एक रोज पूर्व समीर अहमद के नेतृत्व में क्षेत्र की महिलाओं फरीदा बेगम, मैनाज, अफसाना, साजदा, नरगिस और नसरीन ने उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य पूरा कराने की मांग रखते हुए बताया कि रास्ते की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण कॉलोनीवासियों को रोजाना आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। खराब रास्ते के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है और कई बार असंतुलित होकर गिरने जैसी स्थिति भी बन जाती है। वहीं बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य शुरू होने से उन्हें उम्मीद जगी थी कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो जाएगा। नाली आदि के निर्माण का कार्य भी शुरू किया गया, लेकिन बाद में किसी कारण से काम आगे नहीं बढ़ सका। निर्माण कार्य रुकने के बाद सड़क की समस्या जस की तस बनी हुई है।
इसी बीच सड़क निर्माण को लेकर भूमि संबंधी आपत्ति भी सामने आई है। दूसरे पक्ष के अरशद हुसैन ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित भूमि को लेकर स्थिति स्पष्ट होने तक सड़क निर्माण न कराने की मांग रखी है। ऐसे में प्रशासन के सामने अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मौके की वास्तविक स्थिति और भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच के बाद किस प्रकार नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन पर टिकी निगाहें
मामले में सबसे अहम बात यह है कि सड़क की समस्या से स्थानीय लोगों को वास्तविक परेशानी हो रही है और निर्माण कार्य भी बीच में रुक गया है। ऐसे में क्षेत्रवासियों की निगाहें अब प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों की उम्मीद है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर भूमि संबंधी स्थिति को स्पष्ट करेगा और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार ऐसा समाधान निकालेगा, जिससे सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो सके और किसी भी पक्ष के अधिकार प्रभावित न हों।
मनिहारगोठ की इस कॉलोनी के लोगों के लिए सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी बुनियादी सुविधा है। अब देखना होगा कि प्रशासन रुके हुए निर्माण कार्य और सामने आई आपत्ति के बीच किस तरह रास्ता निकालता है, ताकि लोगों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी का स्थायी समाधान हो सके।


