टनकपुर। ग्राम पंचायत छीनीगोठ तल्ली की लंबे समय से चली आ रही भूमि संबंधी समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम टनकपुर विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मामले में मुख्यमंत्री स्तर से हस्तक्षेप कर वर्षों से लंबित समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा प्रभावित लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान छीनीगोठ तल्ली एवं कुमाऊं मंडल ग्राम प्रधान संगठन के महामंत्री इन्द्रदेव विश्वकर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत छीनीगोठ का गठन हुए करीब 25 वर्ष हो चुके हैं। इसके बावजूद गांव की भूमि से जुड़ा विवाद आज तक पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 22 वर्षों से ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्यों की निर्वाचन प्रक्रिया लगातार होती रही है, लेकिन भूमि संबंधी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

ग्रामीणों के अनुसार 10 नवंबर 2008 को छीनीगोठ, छीनी तल्ली और छीनी मल्ली की भूमि से संबंधित मामले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई थी। इस दौरान काश्तकारों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी और ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके बाद वन विभाग से संबंधित कुछ मामलों को भी वापस लिए जाने की कार्रवाई हुई थी।
समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीणों ने हाल के वर्षों में भी लगातार प्रयास किए। 4 अगस्त 2025 को संबंधित फाइल मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक पहुंचाई गई थी और मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय भी मांगा गया था। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद उन्हें अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं मिल पाया है।
ग्रामीणों ने विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की है कि छीनीगोठ तल्ली की भूमि संबंधी समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। साथ ही ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मिलने का समय उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकें।
ग्राम प्रधान इन्द्रदेव विश्वकर्मा ने कहा कि भूमि संबंधी समस्या लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री स्तर से सकारात्मक पहल होने पर इस मामले का स्थायी समाधान निकल सकेगा।


