टनकपुर (चम्पावत)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता को समर्पित एक प्रेरणादायी गोष्ठी और पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम समिति की उपाध्यक्ष सुनीता सक्सेना की अध्यक्षता तथा सचिव बाबूलाल यादव के कुशल संचालन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता और अधिकाधिक वृक्षारोपण का सामूहिक संकल्प लिया।

इस अवसर पर समिति के सचिव बाबूलाल यादव ने कहा कि पर्यावरण केवल प्रकृति का विषय नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का आधार है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल, हरियाली और जैव विविधता के बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज बढ़ता प्रदूषण, प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग, वृक्षों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन पृथ्वी के संतुलन को बिगाड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव असमय वर्षा, बढ़ते तापमान और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, जो मानव समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाए, प्लास्टिक का उपयोग कम करे, जल संरक्षण को अपनाए तथा स्वच्छता के प्रति सजग बने, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने प्रकृति को हमारी अमूल्य धरोहर बताते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण छोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान समिति के नगर एवं ग्रामीण इकाई के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामूहिक रूप से पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का भी संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं। वे न केवल शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और जलवायु को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा किया गया यह प्रयास समाज के लिए एक अनुकरणीय पहल है। समिति लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जन-जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों का समर्पण, सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए उनका निरंतर प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है। ऐसे संगठनों की पहल समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ-साथ युवाओं को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष सुनीता सक्सेना, सचिव बाबूलाल यादव, ज्योति देवी, मधु देवी, खीमा देवी, आशा देवी, सुनीता देवी, हीराकली, संतोष देवी, कोषाध्यक्ष श्याम सिंह, पुष्पलता सहित समिति के नगर एवं ग्रामीण इकाई के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति का यह संदेश स्पष्ट रहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारों की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण और संरक्षण के माध्यम से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।


