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पाटी नगर पंचायत चुनाव: निर्दलीय नारायण लाल की जीत, लेकिन भाजपा के प्रति निष्ठा बरकरार; कांग्रेस अपने गढ़ में ही नहीं उतार सकी प्रत्याशी

“धामी जी के सेवक थे और रहेंगे”— जीत के बाद नारायण लाल का बड़ा बयान, पाटी नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस को अपने परंपरागत क्षेत्र में भी नहीं मिला मैदान

लोहाघाट। पाटी नगर पंचायत के पहले चुनाव ने क्षेत्र की राजनीति को नया संदेश दिया है। चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल ने शानदार जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया, लेकिन जीत के बाद उनका पहला संदेश राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह पहले भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सेवक थे और आगे भी रहेंगे।

जीत के बाद समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिंदाबाद” के नारों के बीच नारायण लाल ने कहा कि उनका वैचारिक और राजनीतिक जुड़ाव भारतीय जनता पार्टी से रहा है और भविष्य में भी प्रदेश के विकास के लिए वह भाजपा की विचारधारा के साथ कार्य करते रहेंगे।

नारायण लाल ने बताया कि किसी कारणवश उन्हें भाजपा का अधिकृत टिकट नहीं मिल पाया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। जनता ने उन पर भरोसा जताया और भारी समर्थन देकर उन्हें विजयी बनाया। उन्होंने अपनी जीत को जनता का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि अब उनकी प्राथमिकता पाटी नगर पंचायत का समग्र विकास और जनसमस्याओं का समाधान होगी।

 

इस चुनाव को खास बनाने वाला एक और महत्वपूर्ण पहलू रहा इंडियन आइडल विजेता और उत्तराखंड के लोकप्रिय गायक पवनदीप राजन का चुनावी मैदान में उतरना। नारायण लाल, पवनदीप राजन के जीजा हैं और अपने जीजा के समर्थन में पवनदीप स्वयं चंपावत पहुंचे थे। चुनाव प्रचार के दौरान पवनदीप की मौजूदगी ने पूरे चुनावी माहौल को रोमांचक बना दिया। उनके रोड शो और जनसंपर्क कार्यक्रमों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। इससे चुनाव को न केवल स्थानीय बल्कि प्रदेशभर में भी चर्चा मिली और मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया।

 

इस चुनाव का दूसरा बड़ा पहलू कांग्रेस की स्थिति रही। लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पाटी नगर पंचायत को लंबे समय से कांग्रेस का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन इस बार कांग्रेस अपना अधिकृत प्रत्याशी तक मैदान में नहीं उतार सकी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस क्षेत्र को कांग्रेस अपना मजबूत गढ़ मानती रही हो, वहां प्रत्याशी घोषित न कर पाना संगठनात्मक कमजोरी और संभावित हार की आशंका को दर्शाता है। चुनावी मैदान में अनुपस्थिति ने कांग्रेस की स्थिति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं भाजपा समर्थित अधिकृत प्रत्याशी नवीन राम त्रिकोणीय मुकाबले में लगभग 514 वोट (करीब 32 प्रतिशत मत) प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि जीत उनसे दूर रही, लेकिन पार्टी समर्थकों का मानना है कि यह परिणाम पाटी क्षेत्र में भाजपा के बढ़ते जनाधार का संकेत देता है।

 

पाटी क्षेत्र में भाजपा की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही मांगों को पूरा करते हुए क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जा दिलाया गया और पहली बार यहां नगर पंचायत चुनाव संपन्न हुए। भाजपा इसे अपनी विकासोन्मुखी सोच का परिणाम बता रही है।

चुनाव परिणामों ने यह भी संकेत दिया है कि मतदाता अब केवल परंपरागत राजनीतिक समीकरणों के आधार पर नहीं, बल्कि विकास कार्यों, जनसेवा और स्थानीय नेतृत्व की स्वीकार्यता के आधार पर अपना समर्थन तय कर रहे हैं।

पाटी नगर पंचायत चुनाव के नतीजे केवल एक स्थानीय निकाय के चुनाव परिणाम नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र की बदलती राजनीतिक सोच का भी प्रतिबिंब हैं। एक ओर निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल की जीत ने स्थानीय नेतृत्व की ताकत को साबित किया है, तो दूसरी ओर कांग्रेस की निष्क्रियता और भाजपा के बढ़ते प्रभाव ने भविष्य की राजनीतिक दिशा के संकेत भी दे दिए हैं।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नव निर्वाचित अध्यक्ष नारायण लाल जनता से किए गए विकास के वादों को किस तरह जमीन पर उतारते हैं और पाटी नगर पंचायत को विकास की नई पहचान दिलाने में कितने सफल होते हैं।

Shubham Gaur

Written by Shubham Gaur

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