टनकपुर (चम्पावत), संवाददाता।
टनकपुर क्षेत्र में शारदा खनन से जुड़े श्रमिकों एवं वाहन स्वामियों की आजीविका पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ऐसे में माँ शारदा खनन श्रमिक यूनियन ने खनन की निर्धारित मात्रा बढ़ाने की मांग को जरूरी बताते हुए राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा है।
यूनियन पदाधिकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि वर्ष 2026 के लिए शारदा उपखनिज की कुल मात्रा लगभग 3 लाख 35 हजार घन मीटर निर्धारित की गई थी, लेकिन वर्तमान में खनन कार्य अपेक्षा से पहले ही समाप्ति की ओर है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों मजदूरों, वाहन चालकों और खनन कार्य से जुड़े अन्य लोगों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
यूनियन अध्यक्ष मनोज गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि खनन कार्य समय से पहले बंद हो गया, तो इसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। छोटे व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों और मजदूरों की आजीविका प्रभावित होगी।
यूनियन ने सरकार से मांग की है कि खनन कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए कम से कम 1 लाख घन मीटर अतिरिक्त खनन की अनुमति तत्काल दी जाए। उनका कहना है कि यह निर्णय क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आजीविका बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई। ज्ञापन देने वालों में कुंदन महर, चंदू चंद, कमल शर्मा, रघुवीर, संदीप सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।


