जहां एक तरफ सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं कई बार ज़मीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल देती है। लेकिन जब मीडिया और जनता की आवाज़ मिलती है, तो बदलाव भी तेजी से नजर आता है। एक ऐसी ही खबर सामने आई है, जहां एक खतरनाक स्थिति में झुका हुआ बिजली का खंभा अब प्रशासन की तत्परता से पूरी तरह सुरक्षित कर दिया गया है।

यह मामला उस मुख्य मार्ग का है, जहां एक बिजली का खंभा काफी समय से खतरनाक तरीके से झुका हुआ था और केवल पत्थरों के सहारे टिका हुआ था। यह खंभा कभी भी गिर सकता था और किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता था। इस रास्ते से रोज़ाना बच्चे, बुजुर्ग और वाहन गुजरते हैं, जिससे खतरा और भी बढ़ गया था।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए बिजली विभाग को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

जब यह मामला मीडिया के माध्यम से उठाया गया और जिलाधिकारी मनीष कुमार तक यह जानकारी पहुंची, तो उन्होंने बिना देरी किए तुरंत संज्ञान लिया। जिलाधिकारी ने बिजली विभाग को तत्काल प्रभाव से निर्देशित किया कि इस खतरनाक खंभे को हटाकर नई और सुरक्षित जगह पर नया पोल लगाया जाए।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद बिजली विभाग ने तेजी दिखाते हुए पुराने, जर्जर और झुके हुए खंभे को हटाना शुरू कर दिया और उसकी जगह नया बिजली का खंभा उपयुक्त और सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर दिया गया।
इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और जिलाधिकारी मनीष कुमार की कार्यशैली की सराहना की। साथ ही, बिजली विभाग की इस बार की सक्रियता को भी सकारात्मक रूप में देखा गया।
यह खबर साफ दिखाती है कि जब मीडिया, जनता और प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो समस्याओं का समाधान संभव है। समय पर उठाया गया एक कदम किसी बड़ी दुर्घटना को टाल सकता है।


