चंपावत की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जिसने जिला स्तर पर सियासी हलचल तेज कर दी है। शक्तिपुर बुंगा जिला पंचायत सीट से निर्वाचित सदस्य कृष्णानंद जोशी का निर्वाचन जिला न्यायालय ने रद्द कर दिया है। इसके साथ ही यह सीट अब रिक्त घोषित कर दी गई है और यहां उपचुनाव की राह साफ हो गई है।
न्यायालय के इस फैसले के पीछे मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि कृष्णानंद जोशी का नाम कथित रूप से दो अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज था, जो चुनावी नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 के पंचायत चुनाव में कृष्णानंद जोशी ने इस हाई-प्रोफाइल सीट पर कड़ा मुकाबला जीतते हुए भाजपा समर्थित प्रत्याशी मनमोहन सिंह बोहरा को 345 मतों से हराया था। चुनाव परिणाम के बाद मनमोहन सिंह बोहरा ने जिला न्यायालय में याचिका दायर कर निर्वाचन को चुनौती दी थी।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि विजेता प्रत्याशी का नाम दो अलग-अलग मतदाता सूचियों में होना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने इन तथ्यों को आधार मानते हुए जोशी का निर्वाचन निरस्त कर दिया और बोहरा के पक्ष में निर्णय सुनाया।
शक्तिपुर बुंगा सीट पहले से ही चंपावत की सबसे चर्चित सीटों में गिनी जा रही थी। इस सीट पर युवा उम्मीदवारों की लंबी सूची ने मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया था, जिसमें दिनेश चंद्र चौड़ाकोटी, मोनिका बोहरा और मनीष महर जैसे नाम शामिल थे। कांटे की टक्कर के बाद आए परिणाम अब न्यायिक फैसले के चलते पलट गए हैं।
अब सबकी निगाहें आगामी उपचुनाव पर टिक गई हैं, जो एक बार फिर इस सीट को सियासी रणभूमि में बदल सकता है।


