उत्तराखंड में माटी कला को नई उड़ान: रवि कुमार बने माटी कला बोर्ड के सदस्य
देहरादून
उत्तराखंड सरकार ने राज्य की पारंपरिक कला और शिल्प को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जनपद चंपावत के निवासी श्री रवि कुमार को “माटी कला बोर्ड” में सदस्य के पद पर नामित किया है। यह नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी।
यह आदेश उत्तराखंड शासन के मंत्रिपरिषद अनुभाग द्वारा जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, नियुक्त सदस्य के कर्तव्य, अधिकार, दायित्व और सेवा अवधि से संबंधित विस्तृत निर्देश अलग से संबंधित विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे।

माटी कला बोर्ड (Pottery & Clay Art Board) एक सरकारी निकाय होता है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी के शिल्प (Pottery) को संरक्षित करना, बढ़ावा देना और इससे जुड़े कारीगरों की आजीविका को सशक्त बनाना होता है।
इस नियुक्ति को राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार लगातार स्थानीय कला, संस्कृति और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है। उनकी नीतियों का उद्देश्य “वोकल फॉर लोकल” को जमीनी स्तर पर लागू करना और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री धामी की यह पहल न केवल परंपरागत कला को पुनर्जीवित करेगी बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा करेगी।
चंपावत जैसे क्षेत्रों में माटी कला से जुड़े कारीगरों की बड़ी संख्या है। ऐसे में स्थानीय प्रतिनिधित्व के रूप में रवि कुमार की नियुक्ति से क्षेत्रीय समस्याओं और संभावनाओं को बेहतर तरीके से सामने लाया जा सकेगा।

“उत्तराखंड में पारंपरिक कला को नई पहचान दिलाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम… चंपावत के रवि कुमार बने माटी कला बोर्ड के सदस्य… मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कारीगरों को मिलेगा नया मंच… माटी कला को मिलेगा आधुनिक स्पर्श और रोजगार को नई रफ्तार…”


