जनपद मुख्यालय के गोरल चौड़ मैदान में आयोजित वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान शनिवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने खेल आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) के अभ्यास के दौरान एक छात्र की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज चम्पावत की प्रतियोगिताओं से पहले छात्र मैदान में अभ्यास कर रहे थे। सुबह करीब 8 बजे फुटबॉल और जैवलिन थ्रो जैसे अलग-अलग खेल एक ही मैदान में बिना स्पष्ट सुरक्षा घेराबंदी के चल रहे थे। इसी दौरान फेंका गया भाला फुटबॉल खेल रहे छात्र सोमेंद्र सिंह बोहरा (20) को जा लगा, जिससे उसकी मौत हो गई।

प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि मौके पर प्रशिक्षित खेल शिक्षक की अनुपस्थिति थी और सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया था। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, जैवलिन थ्रो जैसे खेलों के लिए अलग सुरक्षित क्षेत्र, निगरानी और स्पष्ट प्रोटोकॉल अनिवार्य होते हैं, जिनकी अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।

गंभीर रूप से घायल छात्र को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक रीठा साहिब क्षेत्र के मछियाड़ गांव का निवासी था और पॉलिटेक्निक में द्वितीय वर्ष का छात्र था। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

घटना के बाद प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी के ऐसे जोखिम भरे खेलों का आयोजन कैसे किया गया। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए असहनीय क्षति है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि शैक्षणिक संस्थानों में खेल आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


