चंपावत जनपद के टनकपुर क्षेत्र से ओवर रेटिंग का मामला सामने आया है, जहां विदेशी शराब की दुकान पर प्रिंट रेट से अधिक मूल्य वसूलने की शिकायतें मिल रही हैं। एक ओर सरकार क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरस कॉर्बेट महोत्सव का आयोजन कर रही है, वहीं दूसरी ओर शराब की दुकानों में कथित ओवर रेटिंग से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में नाराजगी देखी जा रही है।
टनकपुर के छिनीगोठ क्षेत्र में रिश्तेदारी में आए लक्ष्मण सिंह ने बताया कि शुक्रवार को वह टनकपुर स्थित विदेशी शराब की दुकान से रॉयल स्टैग की एक बोतल खरीदने गए थे। उनका आरोप है कि उनसे एक बोतल पर 40 रुपये अधिक वसूले गए। जब उन्होंने दुकान में तैनात सेल्समैन से इस संबंध में शिकायत की तो उन्हें कथित रूप से धमकाया गया।
स्थानीय निवासी एललम भट्ट ने भी आरोप लगाया कि रॉयल स्टैग के क्वार्टर की एमआरपी 200 रुपये अंकित है, लेकिन उसे 220 रुपये में बेचा जा रहा है। वहीं बोतलों पर प्रिंट रेट से 60 रुपये तक अधिक वसूली की जा रही है। उन्होंने जिलाधिकारी और आबकारी निरीक्षक से समय-समय पर शराब की दुकानों का निरीक्षण कर ओवर रेटिंग पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
गौरतलब है कि विश्व प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मंदिर का मेला भी जल्द शुरू होने वाला है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कड़वा है किंतु सत्य है कि मेले के दौरान शराब की बिक्री में भारी बढ़ोतरी होती है और इसी समय ओवर रेटिंग की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ का लाभ उठाकर अधिक दाम वसूले जाने के आरोप पूर्व में भी लगते रहे हैं।
इस पूरे मामले पर आबकारी निरीक्षक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था, लेकिन अब इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन आगामी मेले और पर्यटन सीजन को देखते हुए क्या ठोस कदम उठाता है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की आर्थिक ठगी का सामना न करना पड़े।


