चंपावत जनपद में आयोजित सरस मेले में आज प्रधानमंत्री Narendra Modi की महत्वाकांक्षी योजना PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने। मेले में लगभग 60 स्टॉल स्थापित किए गए, जिनमें विभिन्न पारंपरिक एवं आधुनिक ट्रेड से जुड़े कारीगरों (आर्टिजन) ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीएम चंपावत सहित एमएसएमई विभाग के निदेशक सुनील नेवार, असिस्टेंट डायरेक्टर अमित मोहन, एम एस एम ई सुभाष कांडपाल, मर्तोलिया जी, जीएमडी चंपावत, एपीडी श्रीमती विनी जोशी एवं डीपीएमयू चंपावत योगेश मलखानी सहित अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने स्टॉलों का अवलोकन कर कारीगरों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को न केवल आर्थिक संबल प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता एवं बाज़ार से जोड़ने का कार्य भी कर रही है। सरस मेले जैसे मंच स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान देने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।
सामाजिक दृष्टि से, यह पहल “लोकल फोर वोकल” के सिद्धांत को मजबूत करते हुए पारंपरिक हुनर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। इससे कारीगरों के आत्मविश्वास में वृद्धि हो रही है तथा समाज में स्वरोजगार के प्रति सकारात्मक वातावरण बन रहा है।

आर्थिक दृष्टि से, योजना ग्रामीण एवं शहरी कारीगरों के लिए स्थायी आय के अवसर सृजित कर रही है। मेले के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिलने से बिचौलियों की भूमिका कम होती है और लाभ सीधे कारीगरों तक पहुंचता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल रही है।
चंपावत सरस मेला इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित होती हैं, तो वे न केवल रोजगार सृजन करती हैं बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव भी रखती हैं।


