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टनकपुर–जौलजीवी मार्ग पर 690 मीटर पुल अंतिम चरण में, चंपावत को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर ज़मीनी स्तर पर दिख रहा विकास, चंपावत बना मिसाल

आदर्श चंपावत की ओर बढ़ते कदम, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में विकास को नई गति

चंपावत जनपद आज विकास, संवेदनशील प्रशासन और जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं स्पष्ट निर्देशों के फलस्वरूप जनपद में विकास कार्य निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर–चंपावत के नोडल अधिकारी श्री केदार सिंह बृजवाल जी द्वारा चूका सीम, टनकपुर–जौलजीवी मार्ग पर निर्माणाधीन 690 मीटर लंबे पुल का स्थलीय निरीक्षण किया गया। यह पुल न केवल क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आवागमन को भी नई दिशा देगा। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि पुल निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और शेष औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण कर इसे जनता को समर्पित किया जाएगा।

नोडल अधिकारी श्री बृजवाल जी ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए विभागीय समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। यह दर्शाता है कि चंपावत में विकास केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर साकार हो रहा है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। ग्रामीणों ने बताया कि बेहतर सड़क, पुल और आधारभूत सुविधाओं के कारण क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय रोजगार और आर्थिकी को भी बल मिला है।

निरीक्षण के दौरान जनसंवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए नोडल अधिकारी द्वारा विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया गया और चूका गांव को शीघ्र विद्युतीकरण से जोड़ने का आश्वासन दिया गया।

कार्यक्रम के उपरांत माता रणकोचि मंदिर में दर्शन कर जनपद की सुख-समृद्धि एवं सतत विकास की कामना करना प्रशासन की सांस्कृतिक आस्था और जनभावनाओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

इसके अतिरिक्त, नोडल अधिकारी श्री केदार सिंह बृजवाल जी द्वारा चूका क्षेत्र के दिवंगत स्वर्गीय रविंद्र सिंह जी के शोक संतप्त परिवार से भेंट कर मानवीय संवेदना का परिचय दिया गया। शासन स्तर से हरसंभव सहायता का आश्वासन तथा बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश, यह सिद्ध करते हैं कि चंपावत में शासन केवल विकास नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभा रहा है।

कुल मिलाकर, चंपावत आज “आदर्श चंपावत | विकसित चंपावत” की संकल्पना को साकार करता हुआ उत्तराखंड के विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहाँ सड़क, पुल, बिजली, पर्यटन और मानवीय संवेदनाएँ—सभी एक साथ आगे बढ़ रही हैं।

Shubham Gaur

Written by Shubham Gaur

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