पौड़ी गढ़वाल।
उत्तराखंड सरकार ने दिवंगत अंकिता भंडारी की स्मृति को सम्मान देते हुए एक अहम निर्णय लिया है। राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी का नाम परिवर्तित कर अब ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी’ किया गया है। इस निर्णय को राज्य सरकार की संवेदनशीलता और पीड़ित परिवार के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि परिवार द्वारा प्रस्तुत सभी मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हाल के दिनों में कुछ कथित ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद विपक्ष द्वारा राज्य सरकार पर निशाना साधा गया। विपक्ष ने इन वायरल सामग्रियों को आधार बनाकर सरकार की मंशा और कार्रवाई पर सवाल उठाने का प्रयास किया। हालांकि सरकार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह कानून के दायरे में, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि बिना पुष्टि के वायरल हो रही सामग्रियों के आधार पर भ्रम फैलाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री धामी ने पहले भी इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले की तेज़ी से जांच, न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग और अब नर्सिंग कॉलेज का नामकरण—ये सभी कदम यह दर्शाते हैं कि सरकार केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस निर्णय और संवेदनशील कार्यवाही कर रही है।

राज्य सरकार के इस निर्णय को आम जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अंकिता भंडारी के नाम पर शैक्षणिक संस्थान का नामकरण न केवल एक श्रद्धांजलि है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सरकार महिलाओं के सम्मान और न्याय के मुद्दे पर गंभीर है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की तत्परता, संवेदनशीलता और निर्णायक कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि न्याय की राह में कोई भी बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।


