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वन विभाग की सराहनीय पहल: ईको-टूरिज्म से रोजगार की राह: वन विभाग ने ग्रामीणों को कराया पीलीभीत टाइगर रिजर्व का शैक्षणिक भ्रमण

वन संरक्षण के साथ आजीविका संवर्धन: ईडीसी सदस्यों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व से लिया अनुभव

हल्द्वानी।

वन विभाग द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा वन संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई। दिनांक 13 मार्च 2026 को प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी वन प्रभाग के निर्देशन तथा उप प्रभागीय वनाधिकारी शारदा उप प्रभाग के मार्गदर्शन में वन क्षेत्राधिकारी शारदा सुनील शर्मा द्वारा रेंज अंतर्गत ग्राम ऊंचौलीगोठ, गैंडाखाली, नायक गोठ, बस्तियां, आमबाग एवं थ्वालखेड़ा के सक्रिय ई०डी०सी० / वी०वी०पी०एफ० सदस्यों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित कराया गया।

भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने मुस्तफाबाद इको विकास समिति का दौरा किया, जहां समिति के अध्यक्ष मो० अजमद शाह ने जानकारी दी कि उनकी समिति में अध्यक्ष और सचिव सहित कुल छह सदस्य कार्यरत हैं, जो सोविनियर शॉप और कैंटीन का सफल संचालन कर स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

इसके बाद दल ने सेला सपसरोवर इको विकास समिति का सफारी के माध्यम से भ्रमण किया। इस दौरान फॉरेस्टर अजीत वर्मा (सचिव, ई०डी०सी० सेला) ने बताया कि समिति द्वारा सोविनियर शॉप, कैंटीन, इको हट्स, रॉक क्लाइम्बिंग तथा पर्यटकों से आवागमन शुल्क के माध्यम से आय अर्जित की जाती है। यह समस्त आय समिति के खाते में जमा कर ग्राम क्षेत्र के विकास कार्यों में भी उपयोग की जा रही है।

भ्रमण के अंतर्गत दल को चूका स्पॉट (शारदा सागर) भी ले जाया गया, जहां सोविनियर शॉप, नौका संचालन (बोटिंग) और वाटर हट्स जैसी पर्यटन गतिविधियों का संचालन भी इको विकास समिति के माध्यम से किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं को देखकर प्रतिभागियों ने ईको-टूरिज्म से होने वाले आर्थिक लाभ और ग्रामीण आजीविका के नए अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ई०डी०सी० सदस्यों को ईको-टूरिज्म गतिविधियों, स्वरोजगार के अवसरों और समिति संचालन की सफल व्यवस्थाओं से अवगत कराना था, ताकि वे अपने क्षेत्र में भी ऐसे मॉडल को अपनाकर आजीविका संवर्धन के साथ-साथ वन संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

प्रतिभागियों ने इस भ्रमण को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। वन विभाग की यह पहल ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस अवसर पर वन दरोगा श्री भैरव सिंह बिष्ट, श्री यशपाल सिंह सम्मल, श्री मुकेश तड़ागी, वन आरक्षी कु० निकिता गैरोला, कु० आरती रतूड़ी सहित अन्य वन कार्मिक भी उपस्थित रहे।

Shubham Gaur

Written by Shubham Gaur

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