टनकपुर, चंपावत। बेटियों को स्वस्थ, सुरक्षित, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल (ACIC) के तत्वावधान में भारत विकास परिषद के संयुक्त सहयोग से ‘प्रोजेक्ट SHE (Support • Health • Empowerment)’ का शुभारंभ किया गया। MDM एजुकेशन एकेडमी और नंदा कॉन्वेंट स्कूल, टनकपुर में आयोजित इस जागरूकता अभियान के माध्यम से छात्राओं को स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलावों, मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, कानूनी अधिकारों और नेतृत्व क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की गई। एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल और भारत विकास परिषद की संयुक्त सहभागिता से आयोजित इस पहल का उद्देश्य किशोरियों को जागरूक कर उन्हें अपने अधिकारों, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है। दोनों विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 400 छात्राओं ने प्रतिभाग किया और स्वास्थ्य, सम्मान एवं महिला सशक्तिकरण का संदेश अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

प्रोजेक्ट SHE का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सही जानकारी उपलब्ध कराकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल के अंतर्गत छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा के साथ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, आत्मसम्मान, सुरक्षा और निर्णय लेने की क्षमता भी उनके सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी है।
MDM एजुकेशन एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में क्राइम एवं ट्रैफिक, टनकपुर में तैनात सब इंस्पेक्टर संदीप पिनख्वाल तथा राजकीय चिकित्सालय टनकपुर की मेडिकल ऑफिसर डॉ. लक्ष्मी चौहान ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बेटी को आत्मविश्वासी, जागरूक और कानून के प्रति सजग होना चाहिए। छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी प्रकार के अन्याय या अपराध की स्थिति में बिना डर अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने जागरूकता को सुरक्षित समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।

नंदा कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में राजकीय चिकित्सालय टनकपुर की सर्जन एवं स्त्री तथा प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभा जोशी और महिला क्राइम से संबंधित सब इंस्पेक्टर गुरविंदर कौर ने छात्राओं को संबोधित किया। विशेषज्ञों ने किशोरावस्था में होने वाले बदलावों, मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, संतुलित पोषण और प्रजनन स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वैज्ञानिक एवं सरल तरीके से जानकारी प्रदान की।
छात्राओं को बताया गया कि सही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, संतुलित जीवनशैली और आवश्यकता के अनुसार नियमित स्वास्थ्य जांच उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार के संवादात्मक जागरूकता कार्यक्रम किशोरियों की झिझक दूर करने और उन्हें स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर सही जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने में सहायक हैं।
एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुकुल शर्मा ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट SHE’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को समर्पित एक व्यापक अभियान है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यालयों तक पहुंचकर छात्राओं को जागरूक करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों को समझने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने अभियान के माध्यम से किशोरियों के स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों को विद्यालय स्तर पर निरंतर उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
नंदा कॉन्वेंट स्कूल की संस्थापिका जानकी खर्कवाल तथा MDM एजुकेशन एकेडमी के संस्थापक धर्मेन्द्र चंद ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और जागरूकता समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ जीवन में उपयोगी जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योति चंद और श्रीमती सुनीता चंद ने एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल तथा भारत विकास परिषद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में इस प्रकार की पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के अध्यक्ष भुवन जोशी ने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं से जागरूक नागरिक बनकर समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संरक्षक राजीव आर्य, सचिव सत्य प्रकाश, अंकुर टंडन, कोषाध्यक्ष अतुल शारदा, गिरीश कुमार शर्मा सहित महिला सहभागिता के अंतर्गत कल्पना अग्रवाल, बीना अग्रवाल, छवि गुप्ता, मोनिका अग्रवाल, सुधा शारदा और अनिता शारदा मौजूद रहीं। इसके अलावा विद्यालयों के शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं ने प्रोजेक्ट SHE के उद्देश्यों को अपने जीवन में अपनाने तथा स्वास्थ्य, सम्मान, सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का संदेश समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल ने घोषणा की कि प्रोजेक्ट SHE के अंतर्गत टनकपुर के अन्य विद्यालयों में भी स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सुरक्षा, किशोरी सशक्तिकरण और सामाजिक नेतृत्व से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यह पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है कि बेटियां न केवल शिक्षा प्राप्त करें, बल्कि अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, अपने अधिकारों को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। विद्यालयों, सामाजिक संगठनों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पुलिस की सहभागिता से चलने वाले ऐसे अभियान जागरूकता को मजबूत करने के साथ एक सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण का संदेश देते हैं।

