टनकपुर, चंपावत। महिलाओं के सम्मान, छात्राओं की सुरक्षा और महिला अधिकारों के मुद्दे पर उत्तराखंड में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मणिपुर के कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोईजम से जुड़े कथित यौन दुर्व्यवहार के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के नेतृत्व एवं निर्देशों पर प्रदेश में विरोध की आवाज बुलंद की जा रही है। इसी क्रम में टनकपुर में भी महिला मोर्चा की ओर से विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता उत्तराखंड की दर्जा राज्य मंत्री हेमा जोशी ने की। इसके साथ ही भाजपा कार्यालय में पत्रकारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस सांसद के मामले और महिलाओं के सम्मान से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया गया।
मामले की पृष्ठभूमि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्राओं की ओर से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोईजम के खिलाफ लगाए गए कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों से जुड़ी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 11 छात्राओं की शिकायतों की जांच के बाद विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर 2026 को उन्हें प्रोफेसर के पद से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर एफआईआर भी दर्ज की। इस प्रकरण को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही तय करने और सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। महिला मोर्चा का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। किसी भी पार्टी से जुड़ा व्यक्ति यदि महिलाओं के प्रति अनुचित आचरण के आरोपों का सामना कर रहा है, तो मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। महिला मोर्चा इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस से जवाब मांग रहा है।
टनकपुर में हेमा जोशी की अध्यक्षता में कार्यक्रम, महिलाओं के सम्मान का मुद्दा बना केंद्रबिंदु
टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दर्जा राज्य मंत्री हेमा जोशी की अध्यक्षता में महिला मोर्चा ने इस प्रकरण को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के सम्मान, छात्राओं की सुरक्षा और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी को लेकर आवाज उठाई गई। महिला मोर्चा का कहना है कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता, कांग्रेस की महिला नेताओं से भी आगे आने की अपील
कार्यक्रम के बाद भाजपा कार्यालय में पत्रकारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान महिला मोर्चा की ओर से कांग्रेस सांसद से जुड़े मामले को उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्ट जवाब देने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का प्रश्न किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। कांग्रेस में भी अनेक महिला नेता और महिला कार्यकर्ता हैं, ऐसे में उन्हें भी महिलाओं के सम्मान और छात्राओं की सुरक्षा के सवाल पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
हेमा जोशी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि महिला अधिकारों के मुद्दे पर महिलाओं को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। महिला मोर्चा की ओर से सवाल उठाया गया कि यदि महिलाएं ही अन्य महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर एक-दूसरे का साथ नहीं देंगी, तो पीड़ितों को न्याय दिलाने की आवाज कौन बुलंद करेगा?
महिलाओं का सम्मान किसी पार्टी का नहीं, पूरे समाज का विषय
महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान लोकतांत्रिक समाज की बुनियादी जिम्मेदारी है। किसी भी मामले में आरोपों की निष्पक्ष जांच, पीड़ितों को न्याय और दोष सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। टनकपुर में आयोजित विरोध कार्यक्रम के जरिए भाजपा महिला मोर्चा ने इसी मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने का प्रयास किया। अब देखना होगा कि इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व और उसकी महिला इकाई की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
फिलहाल, मणिपुर के कांग्रेस सांसद से जुड़े प्रकरण ने महिला सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उत्तराखंड में महिला मोर्चा के विरोध के बीच टनकपुर का कार्यक्रम भी इसी राजनीतिक हलचल का हिस्सा बन गया है।


