टनकपुर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, खिलाड़ियों से किया संवाद, मुख्य सेवक संवाद में सुनी जनसमस्याएं; दशहरा महोत्सव और श्रीमद्भागवत कथा में हुए शामिल, 237 करोड़ के आईएसबीटी समेत विकास परियोजनाओं का किया उल्लेख
टनकपुर/चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को टनकपुर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने टनकपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने के साथ खिलाड़ियों से संवाद किया, स्थानीय लोगों से मुलाकात की और कैंप कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में आमजन से सीधा संवाद किया। इसके बाद मुख्यमंत्री गांधी मैदान में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए तथा श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया।
मुख्यमंत्री के टनकपुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और आयोजन समिति की ओर से पारंपरिक छोलिया नृत्य तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया गया। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धार्मिक परंपराएं और उत्सव समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने टनकपुर और चंपावत जिले में चल रही विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया। इनमें लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन आईएसबीटी टनकपुर, शारदा घाट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर तथा मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार जैसे कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से टनकपुर और चंपावत में धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा पर्यटन सुविधाओं को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण के कार्य भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे हैं।
मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे कार्यों का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। ककराली गेट से पूर्णागिरि धाम की ओर लगभग 8.10 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे रात्रि के समय श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाने की दिशा में मदद मिलने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2026 में मां पूर्णागिरि मेले के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं। इनमें सेलागाड़ से कोटकेंद्री संपर्क मार्ग, कालीगूठ-पूर्णागिरि मेला स्थलों का सौंदर्यीकरण, तामली से रूपालीगढ़ होते हुए सीम तक मोटर मार्ग, पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में भव्य प्रवेश द्वार तथा विभिन्न मार्गों के सुधारीकरण सहित कई कार्य शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चंपावत का संकल्प जिले के समग्र विकास से जुड़ा है। प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए विकास का ऐसा मॉडल तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें विकास के साथ क्षेत्र की विरासत और संस्कृति का संरक्षण भी हो।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।


