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उत्तराखंड की परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती देने की मांग, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के सामने उठा मुद्दा; 800 नई बसों के लिए विशेष बजट और घाटे वाले मार्गों के लिए फंड की मांग

जनता के लिए जरूरी पर्वतीय बस सेवाओं को घाटे के नाम पर न रोका जाए, परिवहन मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री धामी और परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा को ज्ञापन देकर मांगी स्थायी वित्तीय सहायता

देहरादून। उत्तराखंड परिवहन मजदूर संघ ने प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और उत्तराखंड परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री पुष्कर सिंह धामी जी एवं माननीय परिवहन कैबिनेट मंत्री आदरणीय श्री प्रदीप बत्रा जी को ज्ञापन सौंपकर निगम के हित में कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं।

संघ ने ज्ञापन के माध्यम से उत्तराखंड परिवहन निगम को स्थायी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, नई बसों की खरीद के लिए विशेष बजट देने, घाटे वाले लेकिन जनहित के पर्वतीय एवं ग्रामीण मार्गों के संचालन के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य देयकों के लिए अलग वित्तीय व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

उत्तराखंड परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, जहां सार्वजनिक परिवहन केवल व्यवसाय का माध्यम नहीं बल्कि आम जनता की मूलभूत आवश्यकता और सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी है। प्रदेश के पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में कई ऐसे मार्ग हैं, जहां यात्रियों की संख्या कम होने के कारण बस संचालन आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं है, लेकिन इन मार्गों पर परिवहन सेवा स्थानीय जनता के लिए बेहद जरूरी है।

संघ ने सरकार से कम से कम 800 नई बसों की खरीद के लिए विशेष कैपिटल ग्रांट उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही घाटे वाले लेकिन जनहित में आवश्यक पर्वतीय एवं ग्रामीण मार्गों के लिए Viability Gap Funding लागू करने की मांग भी रखी गई है, ताकि कम यात्री संख्या वाले क्षेत्रों में भी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं निरंतर जारी रह सकें।

ज्ञापन में कर्मचारियों के वेतन, महंगाई भत्ता, पेंशन एवं अन्य देयकों के लिए अलग वित्तीय सहायता की व्यवस्था करने तथा कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए Salary Supplemental/Financial Restructuring व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया है।

संघ ने अर्थकुंभ-2027 के दौरान परिवहन निगम पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार को देखते हुए विशेष परिवहन बजट और अलग Special Transport Support Fund बनाए जाने की मांग की है। इसमें अतिरिक्त बसों, ईंधन, मरम्मत, चालक-परिचालक, अतिरिक्त ड्यूटी एवं विशेष मार्गों के संचालन से होने वाले खर्च को शामिल करने की मांग की गई है।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, चार्जिंग स्टेशन, डिपो, कार्यशाला, बस स्टेशन सहित परिवहन संबंधी आधारभूत ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए भी विशेष बजट उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है।

उत्तराखंड परिवहन मजदूर संघ ने विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा नियमितीकरण तक समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की है।

संघ ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में परिवहन मंत्री, परिवहन सचिव एवं उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक की मौजूदगी में बैठक आयोजित कर इन सभी मुद्दों पर ठोस निर्णय लिए जाने तथा लिए गए निर्णयों की लिखित कार्यवाही उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

संघ का कहना है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सार्वजनिक परिवहन को केवल लाभ-हानि के आधार पर नहीं देखा जा सकता। यह प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की जीवनरेखा है। ऐसे में परिवहन निगम को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से दीर्घकालीन एवं स्थायी वित्तीय सहयोग बेहद आवश्यक है।

Shubham Gaur

Written by Shubham Gaur

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