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महा मंडलेश्वर डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद जी के सानिध्य में टनकपुर पहुंची पवित्र छड़ी यात्रा, भक्ति और उत्साह का उमड़ा सागर

टनकपुर बनी भक्ति की भूमि — संतों और श्रद्धालुओं ने किया महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद जी का अभिनंदन।

हिमालय की पवित्रता संग टनकपुर पहुंची छड़ी यात्रा — महा मंडलेश्वर डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद जी के सानिध्य में भक्ति और संस्कारों का अद्भुत संगम, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने दी शुभकामनाएं

 

टनकपुर संवाददाता।

आस्था, अध्यात्म और भारतीय सनातन परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला जब हिमालयन योगी श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद जी महाराज के सानिध्य में निकली पवित्र छड़ी यात्रा अपने 35वें दिन मां पूर्णागिरि के दर्शन करते हुए टनकपुर पहुंची।

इस दिव्य यात्रा ने न केवल धार्मिक श्रद्धा का संचार किया, बल्कि प्रदेशभर में “एकता, संस्कार और सेवा” का संदेश भी प्रसारित किया।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पवित्र यात्रा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारे समाज में आध्यात्मिक चेतना और नैतिकता के दीप जलाते हैं। उन्होंने कहा कि संत समाज के आशीर्वाद से प्रदेश में शांति, समृद्धि और सद्भाव का मार्ग और प्रबल होता है।

 

छड़ी यात्रा के टनकपुर आगमन पर नगरवासियों और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजते वातावरण में भक्ति का समुद्र उमड़ पड़ा।

स्वागत में शामिल रहे जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा मंडल अध्यक्ष तुलसी कुंवर, राजेंद्र कुंवर, नरेश शर्मा, राजीव चौहान, धीरज शर्मा, दीपक शर्मा, राजीव बत्रा, सागर विश्वकर्मा और चतुर महराना सहित अनेक श्रद्धालुओं ने महा मंडलेश्वर का चरण-स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

महा मंडलेश्वर डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “मां पूर्णागिरि की इस पवित्र भूमि में शक्ति और श्रद्धा दोनों का वास है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को सशक्त करने का एक प्रयास है।”

जब भक्ति और सेवा एक हो जाएं, तो हर नगर तीर्थ बन जाता है — टनकपुर ने आज यही साबित किया।

Shubham Gaur

Written by Shubham Gaur

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