टनकपुर से बड़ी खबर – आपदा प्रबंधन की पोल खोली जनता ने, मुख्यमंत्री से की सख्त कार्यवाही की मांग 🛑
टनकपुर/चंपावत।
टनकपुर क्षेत्र की जनता ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वार्ड नंबर 9 के समाजसेवी दीप चंद्र पाठक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित पत्र में साफ कहा है कि— “आपदा अचानक नहीं आती, यह विभागीय लापरवाही का परिणाम है।”
पत्र में बीते वर्षों से लगातार भू कटाव, बाढ़ और जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए कहा गया है कि—
➡️ उचोलीगोठ से थवालखेड़ा, छीनीगोठ, बनबसा और गेंडाखाली तक भू कटाव ने कई एकड़ भूमि व बगीचों को निगल लिया है।
➡️ करोड़ों की राशि आपदा और बाढ़ नियंत्रण कार्यों के नाम पर खर्च हुई, लेकिन जमीनी हकीकत शून्य है।
➡️ सोशल ऑडिट कर यह स्पष्ट किया जाए कि पिछले वर्षों में आपदा नियंत्रण कार्यों पर कितने रुपए खर्च हुए और किस जगह खर्च हुए।
पत्र में यह भी मांग की गई है कि—
लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही हो।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ी सड़कों का स्थाई समाधान किया जाए, ताकि हर बारिश में उनका अवरुद्ध होना बंद हो।
टनकपुर-ककराली गेट से बनबसा तक बरसाती नहर का निर्माण तत्काल शुरू हो।
करोड़ा नाला और बांटना गाड़ में स्थाई बंदों का निर्माण हो, ताकि हजारों परिवार जलभराव और आपदा से बच सकें।
टनकपुर नगर में हाल ही में हुए घटिया डामरीकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
दीप चंद्र पाठक ने पत्र में तीखे अंदाज में लिखा है कि—
👉 “यह आपदा प्राकृतिक नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही की देन है। सरकार को जनता की खुली जनसुनवाई करनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।”
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री धामी इस पत्र पर कितनी जल्दी संज्ञान लेते हैं और क्या क्षेत्र को हर साल की इस भयावह आपदा से राहत मिल पाएगी या नहीं।

