टनकपुर (चंपावत)। उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर पिछले दस दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरने को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार के आश्वासन के बाद उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने धरना समाप्त करने के बजाय कुछ समय के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर निर्धारित समय के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
परिवहन कर्मचारियों का आंदोलन नियमितीकरण, संविदा एवं विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के विनियमितीकरण, लंबित वेतन के भुगतान तथा उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 700 नई बसें शामिल करने समेत कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर चल रहा था। इन मांगों के समाधान के लिए कर्मचारी लगातार दस दिनों से धरने पर बैठे हुए थे।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याएं लंबित हैं। नियमितीकरण और समय पर वेतन भुगतान जैसे विषय कर्मचारियों के भविष्य और आर्थिक स्थिति से जुड़े हुए हैं। वहीं, परिवहन निगम के बेड़े में नई बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ ही निगम की व्यवस्थाओं को भी मजबूती मिल सकती है।
इसी बीच विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार ने आंदोलनरत कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया। वार्ता के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल धरना स्थगित करने पर सहमति जताई।
उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ ने साफ किया है कि धरना स्थगित करने का निर्णय केवल मिले आश्वासन के आधार पर लिया गया है। इसे आंदोलन की समाप्ति नहीं माना जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कर्मचारियों की मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो कर्मचारी पुनः आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल धरना स्थगित होने से परिवहन निगम के कर्मचारियों और यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन अब सभी की निगाहें शासन और निगम प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

