टनकपुर। नगर के विकास को लेकर आयोजित नगर पालिका परिषद टनकपुर की बोर्ड बैठक में सोमवार को जहां शहर की तस्वीर बदलने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी, वहीं नेहरू पार्क स्थित कैंटीन का मुद्दा बैठक में विवाद की सबसे बड़ी वजह बन गया। विकास की योजनाओं पर चर्चा के लिए जुटे जनप्रतिनिधियों के बीच ऐसा हंगामा खड़ा हुआ कि सदन की गरिमा और बैठक की कार्यवाही पर ही सवाल खड़े हो गए। हालात इतने बिगड़े कि बोर्ड बैठक को अगली तिथि तक स्थगित करना पड़ा।
पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार की अध्यक्षता में पालिका सभागार में आयोजित बैठक का संचालन अधिशासी अधिकारी ऋषभ उनियाल ने किया। बैठक में नगर के विकास, स्वच्छता व्यवस्था और सौंदर्यीकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। लेकिन नेहरू पार्क स्थित कैंटीन को नीलामी के माध्यम से किराये पर दिए जाने के प्रस्ताव ने बैठक का माहौल पूरी तरह बदल दिया।
नेहरू पार्क स्थित कैंटीन को पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए निजी संस्था को किराये पर संचालित कराने के प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद विवाद शुरू हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या सात के सभासद चर्चित शर्मा पर इस मुद्दे को लेकर हंगामा करने और किसी व्यक्ति विशेष को बिना नीलामी प्रक्रिया के कैंटीन आवंटित करने की मांग करने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि विरोध के दौरान सभासद ने सभागार में माइक, कुर्सियां और पत्रावलियां तक फेंक दीं।
इस घटनाक्रम से बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। जिस बोर्ड बैठक में नगर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने थे, वहां विवाद और हंगामे ने पूरी कार्यवाही को प्रभावित कर दिया। अंततः पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार को बैठक अगली तिथि तक स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे के बावजूद बैठक में नगर के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए। क्रेशर रोड स्थित डंपिंग जोन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियमावली 2026 के अनुपालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने और संयंत्र स्थापित करने पर सहमति बनी। साथ ही गीले, सूखे, घरेलू हानिकारक और सैनिटरी कचरे के पृथक संग्रहण के लिए चार प्रकार के डस्टबिन खरीदकर वितरित करने का निर्णय लिया गया।
शास्त्री पार्क के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, नगर के चिन्हित स्थानों पर फैंसी पोल लगाने, तुलसीराम चौराहे को आकर्षक स्वरूप देने तथा नेहरू पार्क कैंटीन के समीप दीवार हटाकर रास्ता बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए मुख्य बाजार में कलर लाइट और ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने, गेट मार्केट के दोनों प्रवेश द्वारों और गांधी मैदान के एक गेट को आकर्षक ढंग से सजाने का निर्णय लिया गया। नगर के प्रमुख मार्गों और सड़कों के किनारे लगे पोलों पर तिरंगा लाइट लगाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
इसके अलावा नगर में आवश्यकता के अनुसार बोतल क्रशर मशीन स्थापित करने, उपजिला चिकित्सालय में इलेक्ट्रिक जनरेटर लगाने, पालिका कार्यालय के पूर्व दिशा में खाली भूमि पर वाहनों की पार्किंग के लिए टीन शेड बनाने और विभिन्न स्थानों पर यूनिपोल स्थापित करने पर भी सहमति बनी।
नगर के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर सकारात्मक चर्चा और निर्णय किसी भी बोर्ड बैठक की प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में कैंटीन जैसे एक विषय को लेकर सदन में उत्पन्न हुआ विवाद और सार्वजनिक संपत्ति व बैठक में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को फेंकने के आरोप कई सवाल खड़े करते हैं। जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षा है कि वे मतभेदों को लोकतांत्रिक तरीके से रखें और नगरहित के फैसलों में मर्यादा बनाए रखें।
बैठक में सभासद दिनेश कुमार, हसीब अहमद, दिलदार अली, वकील अहमद, वर्षा शर्मा, सब्या बाल्मीकि, चर्चित शर्मा, आशा भट्ट, बबीता वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सविता बिष्ट, नामित सदस्य रीता कलखुड़िया, निगम गुप्ता, मुकेश साहू, धर्मपाल आर्य सहित पालिका के वरिष्ठ सहायक विनोद चंद्र बिष्ट, सहायक लेखाकार अजय सजवाण और वरिष्ठ लिपिक बसंत राज चंद मौजूद रहे।
अब देखना होगा कि अगली बोर्ड बैठक में कैंटीन विवाद का क्या समाधान निकलता है और नगर विकास से जुड़े शेष विषय किस तरह आगे बढ़ते हैं।


