जनपद में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। लापरवाही और जनता की शिकायतों के प्रति उदासीनता पर डीएम का सख्त रुख साफ संदेश दे रहा है कि अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीपीसीएल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों, आरटीआई रजिस्टर, कार्यालय अभिलेख, कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यालय व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया गया। शाम पांच बजे से पहले अधिशासी अभियंता सहित छह कर्मचारी कार्यालय से अनुपस्थित मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने एक बिजली उपभोक्ता से स्वयं फोन पर बात कर उसकी शिकायत की जानकारी ली। शिकायतकर्ता ने बताया कि नियमित बिल जमा करने के बावजूद मार्च और अप्रैल माह का करीब 88 हजार रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों की जवाबदेही तय करने और निर्धारित समयसीमा में शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीमांत क्षेत्रों में बार-बार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति पर भी नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मनीष कुमार का यह निरीक्षण केवल एक विभाग तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक मजबूत संदेश है कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध समाधान को प्राथमिकता देने वाला यह कदम निश्चित रूप से आमजन का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत करेगा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार की सक्रिय कार्यशैली और सख्त प्रशासनिक दृष्टिकोण की जनपद में सराहना हो रही है। उम्मीद की जा रही है कि बिजली विभाग की तरह अन्य सभी विभाग भी इस कार्रवाई से सीख लेते हुए अपने कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता अपनाएंगे, ताकि जनता को समय पर बेहतर और प्रभावी सेवाएं मिल सकें। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—जनहित सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर अब सीधी और सख्त कार्रवाई तय है।


