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लगातार बारिश से उत्पन्न आपदा की चुनौती से निपटने के लिए टनकपुर में संयुक्त मॉक ड्रिल, प्रशासन, पुलिस, फायर और एसडीआरएफ ने दिखाया शानदार समन्वय

आपदा से पहले तैयारी सबसे बड़ी सुरक्षा: टनकपुर में प्रशासन, पुलिस, फायर, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त मॉक ड्रिल से परखी अपनी तैयारियां

टनकपुर (चम्पावत)। लगातार हो रही बारिश के बीच संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से अग्निशमन केंद्र टनकपुर के नेतृत्व में एक व्यापक संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ, राजस्व, स्वास्थ्य विभाग तथा वन विभाग की टीमों ने अद्भुत समन्वय, तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए विभिन्न आपदा परिदृश्यों का सफलतापूर्वक सामना किया।

मॉक ड्रिल के प्रथम चरण में कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि लगातार वर्षा के कारण शारदा नदी में तीव्र भू-कटाव होने से नदी किनारे स्थित 10 से 15 आवासीय भवनों में दरारें आ गई हैं। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी टनकपुर, पुलिस उपाधीक्षक टनकपुर, फायर स्टेशन अधिकारी, एसडीआरएफ, राजस्व, चिकित्सा एवं वन विभाग की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुँचीं।

 

रेस्क्यू अभियान के दौरान शारदा नदी में फँसे बच्चों को टीम ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा। इसी दौरान शारदा घाट स्थित अस्थायी प्रसादी की दुकान संचालिका के सर्पदंश से घायल होने की स्थिति का भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया तथा उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रूप से राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में स्थानांतरित किया गया।

मॉक ड्रिल के अनुसार कुल 12 घायलों का सफल रेस्क्यू किया गया, जिनमें से 4 को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया। साथ ही एक घायल श्वान का भी उपचार कर पशु संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया गया।

दूसरे चरण में बाटना गाड़ क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बोल्डर गिरने से माँ पूर्णागिरि धाम की ओर जा रहे श्रद्धालुओं एवं वाहनों के दोनों ओर फँसने की स्थिति का अभ्यास किया गया। रेस्क्यू टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रस्सियों की सहायता से श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग पार कराया। वहीं मार्ग में गिरे पेड़ को वुडन कटर से काटकर रास्ता शीघ्र सुचारू किया गया।

पूरे मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों के बीच उत्कृष्ट तालमेल, अनुशासन और त्वरित निर्णय क्षमता देखने को मिली। यह अभ्यास स्पष्ट करता है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा या आकस्मिक संकट की स्थिति में जनपद चम्पावत का प्रशासन और राहत-बचाव दल पूरी तरह सतर्क, प्रशिक्षित और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। स्थानीय लोगों ने भी संयुक्त रेस्क्यू टीमों की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना करते हुए इसे जनहित में अत्यंत उपयोगी पहल बताया।

Shubham Gaur

Written by Shubham Gaur

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