उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के जातिगत भेदभाव को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री धामी ने साफ शब्दों में कहा कि समाज में जाति के नाम पर भेदभाव की राजनीति कर जनता को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर कोई दुकानदार ग्राहक का नाम या उसकी जाति पूछकर उसे अलग गिलास में चाय या अलग तरीके से खाना नहीं देता। इस तरह के बयान समाज में दूरियां पैदा करने के बजाय वोटों की राजनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश और समाज को जाति के नाम पर बांटकर राजनीति करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत समाज को जोड़ने, विकास को आगे बढ़ाने और हर वर्ग को समान अवसर देने की है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के लिए लोगों के बीच जातिगत भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
धामी ने कहा कि अगर पिछली सरकारों ने वास्तव में धरातल पर ईमानदारी से काम किया होता और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी होती, तो जनता उन्हें बार-बार सत्ता से बाहर का रास्ता नहीं दिखाती। मुख्यमंत्री के इस बयान को कांग्रेस की जातिगत राजनीति पर सीधा और करारा जवाब माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने राजनीतिक संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य किसी एक वर्ग, जाति या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। धामी सरकार लगातार विकास, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात करती रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि समाज को जाति के आधार पर बांटने के बजाय विकास और समानता के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। उनका कहना है कि जनता अब केवल नारों और भावनात्मक राजनीति से प्रभावित होने वाली नहीं है, बल्कि वह काम और विकास के आधार पर अपने प्रतिनिधियों का आकलन करती है।
जातिगत भेदभाव के मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह पलटवार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। धामी ने कांग्रेस पर वोटों के लिए समाज को जाति के नाम पर बांटने का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि उत्तराखंड की जनता विकास चाहती है, विभाजन नहीं।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास, सुशासन और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने का दावा लगातार मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में सामने आता रहा है। अब देखना होगा कि इस बयानबाजी पर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।


