टनकपुर में निकली संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर भव्य कलश यात्रा, समरसता का दिया संदेश
टनकपुर। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शनिवार को चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के टनकपुर स्थित ज्ञानखेड़ा पंचायत घर से भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यात्रा के दौरान भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष सूरज कुमार के कलश लेकर जनपद में प्रवेश करने पर पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भाजपा के जिला सह प्रभारी हिमांशु बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री हेमा जोशी, किरण देवी, मनोज कालाकोटी, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार वर्मा, रेखा देवी, मंडल अध्यक्ष तुलसी कुँवर, मंडल महामंत्री हरीश कलौनी एवं कुमुद जोशी, बनबसा मंडल अध्यक्ष कमलेश भट्ट, सूरज प्रहरी, रवि प्रजापति, मुकेश साहू, विनोद गढ़कोटी, मंडल उपाध्यक्ष मंजू बोरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त बूथ अध्यक्ष शशांक गोयल, हरीश भट्ट, देवेंद्र ठाकुर, सुनीता मुरारी, रूची धस्माना, रीता कलखुड़िया, उमेद सिंह नेगी, बिमला बिष्ट, रूकमणी उनियाल, दीपक सक्सेना, पप्पू ठाकुर, बबीता पांडे, अनीता यादव सहित टनकपुर मंडल के सभी बूथ अध्यक्षों, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने कलश यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया।
यात्रा में अनुसूचित मोर्चा के कुमाऊँ सह-संयोजक गोविंद प्रसाद एवं प्रदेश मंत्री सूरज प्रहरी भी प्रमुख रूप से शामिल रहे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। यात्रा ने सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और संत गुरु रविदास महाराज के आदर्शों का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संदेश का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने ‘समरसता संकल्प अभियान’ के माध्यम से संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के समता, सेवा, सद्भाव और सामाजिक न्याय के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने तथा उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के भाव से ओत-प्रोत रहा। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि संत गुरु रविदास महाराज की शिक्षाएँ आज भी समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।


